सफलता के लिए आत्म-अनुशासन की असली ताकत

सफलता के लिए आत्म-अनुशासन

हम सबको मालूम है की ,आत्म – अनुशासन महत्वपूर्ण है। लेकिन क्या हम जानते हैं, वास्तव में इसकी कितनी आवश्यकता है?  इसके बारे में “सफलता के लिए आत्म-अनुशासन” इस ब्लॉक में विस्तार से जानेंगे।

 

  • प्रस्तावना – PREFACE
  • सफलता के लिए आत्म-अनुशासन क्यों जरुरी है? – WHY IS SELF-DISCIPLINE NECESSARY FOR SUCCESS?
  • आत्म-अनुशासन के फायदे क्या हैं?- WHAT ARE THE BENEFITS OF SELF-DISCIPLINE?
  • आत्म-अनुशासन का पालन कैसे करें? – HOW TO FOLLOW SELF-DISCIPLINE?
  • निष्कर्ष – CONCLUSION

प्रस्तावना – PREFACE

हम सभी के जीवन में कई प्रकार के लक्ष्य होते हैं। जैसे, कोई अपने जीवन में अमिर बनना चाहता है।  कोई अपना परिवाहिक जीवन सफल बनाना चाहता है। कोई अपने जीवन में बेहतर स्वास्थ्य चाहता है। तो कोई जीवन में खुशियाँ ही खुशियाँ चाहता है।

यह सब सामान्य लक्ष्य हैं। हर कोई अपने जीवन में इन्हें हासिल करना चाहता है। लेकिन, यह लक्ष्य हासिल करने के लिए भी बहुतांश लोग असफल हो जाते हैं। इस असफलता का एक ही कारण है , जीवन में आत्म-अनुशासन की कमी होना।

 

सफलता के लिए आत्म-अनुशासन क्यों जरुरी है? – WHY IS SELF-DISCIPLINE NECESSARY FOR SUCCESS?

सफलता एक रात में नहीं मिलती, उसके लिए समय लगता है। उसके लिए आपको लगातार प्रयास करना होगा, कठिन परिश्रम करना होगा। और अपने अंदर आत्म-अनुशासन बढ़ाने की ज़रूरत होगी।

आज हम जो भी हैं, वह सब भूतकाल की हमारी दिनचर्या, सोच और आदतों का नतीजा है। अब वर्तमान में भी हमारी आदतें ,सोच और दिनचर्या ऐसे ही रहेंगी तो हमारा भविष्य भी ऐसा ही असफल रहेगा। या शायद आज की जो जीवनशैली है ,उसके अनुसार हम असावध रहे तो परिस्थिति और खराब हो सकती है।

हमारी आज की जो जीवनशैली है, उसे संतुलित बनाए रखने के लिए भी आत्म-अनुशासन की ज़रूरत है। तो सोचो, सफलता हासिल करने के लिए किस स्तर पर कार्य करना होगा। सफलता मिलती नहीं है , उसे अनुशासन के जरिए हासिल किया जा सकता है।

आज की जीवनशैली के अनुसार हमेशा इस बात का ध्यान रखना , “जिंदगी के सफर मे हम जब रुक जाते है ,तो हम असल मे रुकते नहीं बल्कि पीछे जाते है। क्योकि पीछे छोड़े हुवे सभी लोग चलते रहते है और हम से आगे निकल जाते है।”

 

आत्म-अनुशासन के फायदे क्या हैं? – WHAT ARE THE BENEFITS OF SELF-DISCIPLINE?

  • अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए आपको लगातार कठिन परिश्रम करना होगा। किसी दिन आपको अपना तय किया हुवा निर्धारित कार्य करने के लिए समय न हो । लेकिन आपको लक्ष्य हासिल करने के लिए आत्म-अनुशासन प्रोत्साहित करता रहेगा।
  • आत्म-अनुशासन से आपको अपने जीवन में कठिन परिश्रम करने की आदत होगी। और कुछ दिनों बाद कठिन परिश्रम की आदत होने की वजह से सब आपको आसान लगने लगेगा। बस आपको आत्म-अनुशासन के साथ काम करने की, शुरुआत करने की ज़रूरत है।
  • अगर आपके अंदर आत्म-अनुशासन है। तो आपका लक्ष्य, समस्या कितनी भी बड़ी हो। आप आसानी से उस पर विजय हासिल कर सकते हैं।
  • आप आत्म-अनुशासन का पालन करते हैं, तो यह आत्म-अनुशासन आपको इनाम देगा। यह इनाम किसी वस्तु के रूप में नहीं है। यह आपका आत्म-विश्वास, आपकी निर्णय क्षमता बढ़ाएगा, आपको अंदर से खुशी देगा। इस स्वरूप में आपको इनाम देगा।

मुझे कोई पूछेगा ,आप एक सफल इंसान बनना चाहते हैं या एक आत्म-अनुशासित इंसान बनना चाहते हैं। तो मेरा जवाब रहेगा – “एक आत्म-अनुशासित इंसान” क्योकि सफल इन्सान उसका लक्ष्य मिलाने के बात रुक जाता है। और एक आत्म-अनुशासित इंसान अपने जीवन में आत्म-अनुशासन की आदत होने की वजह से आगे बढ़ता ही जाता है।

जिस दिन आपको लगेगा कि ,मैं सफल हो गया और आप रुक जाओगे, उस दिन से आपकी अधोगति शुरू हो जाएगी। इसलिए जीवन में एक लक्ष्य बनाओ। उसे हासिल करने के बाद जश्न मनाओ ,मजे करो। उसके बाद फिर से नया लक्ष्य बनाओ और उसे हासिल करने की कोशिश करो।

यह जरुरी नहीं की हमारा जो लक्ष्य है। उससे सिर्फ हमारा फायदा ही होना चाहिए। कुछ लक्ष्य ऐसे भी बनाओ जिनसे ज़रूरतमंद लोगों का , अपने समाज का, और हमारे देश का फायदा हो।

 

आत्म-अनुशासन का पालन कैसे करें? – HOW TO FOLLOW SELF-DISCIPLINE?

जब आत्म-अनुशासन का पालन करने की बात आती है, तो मन में ख्याल आता है। आत्म-अनुशासन का पालन करना मतलब सुबह जल्दी उठना, कठिन परिश्रम करना। नींद और आराम का त्याग करना। इस वजह से हमारा मन आत्म-अनुशासन से दूर भागने की कोशिश करेगा। और हमारा लक्ष्य कमजोर होगा।

  • हमें पहले मन को समझाना होगा ,जीवन में सफल होना आसान होता तो आज हर कोई सफल होता।
  • हमारे लक्ष्य के पीछे स्पष्ट उद्देश्य होना जरुरी है ,जिससे हमारा मन सिर्फ लक्ष्य को हासिल करने के लिए सोचे। बाकि ओर चीजों के बारे मे ना सोचे।
  • आत्म-अनुशासन अपने जीवन मे उतारने के लिए आपको निर्धारित समय की योजना बनानी होगी। यह योजना साल, महीने, हफ़्ते और दिन के अनुसार होनी चाहिए। योजना कैसे होनी चाहिए ? इसके लिए मैंने सफलता के लिए योजना का महत्त्व” इस ब्लॉग मे सविस्तार मे जानकारी दी है। उसमे योजना का चार्ट भी दिया है। इस योजना चार्ट का उपयोग करके आप खुद मे आत्म-अनुशासन की सुरुवात कर सकते है।
  • खुद को उत्साहित (MOTIVATE) रखने के लिए इंटरनेट पर सफल लोगों की जीवनी (BIOGRAPHY) के वीडियो देखें, प्रेरक पुस्तकें (MOTIVATIONAL BOOKS) पढ़ें।

 

निष्कर्ष – CONCLUSION

  • हमे अपने बारे मे सोचने के लिए रोज समय देना चाहिए। हमारा लक्ष्य क्या है? हमारा भविष्य क्या है ? अपने भविष्य के लिए क्या करना चाहिए? आज हम जो भी है, वो हमारे रोज के जिंदगी की आदतों का नतीजा है। अगर कोई व्यक्ति सफल है, तो वह भी उसके रोज की जिंदगी की आदतों का नतीजा है।
  • हमें कल क्या करना है ? उसकी योजना हमारे पास आज होनी चाहिए। एक हफ्ता क्या करना है ? उसकी योजना होनी चाहिए। महीनों और सालों तक क्या करना है ? उसकी योजना होनी चाहिए।
  • होशयारी से काम करने से ज्यादा तुह्मे आत्म – अनुशासित होना पड़ेगा। क्योंकि होशियारी से काम करने के साथ-साथ आत्म-अनुशासन आपको सफलता की चोटियों तक पहुँचाएगी।

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४) आत्म – अनुशासन की शक्ति

 

सौजन्य - संदीप माहेश्वरी (you tube)

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